रिश्तों की किताब में कुछ पन्ने खाली रह गए, जो लिखना चाहा था, वो लफ्ज़ बाकी रह गए। कहते हैं हर दर्द की दवा होती है, पर कुछ ज़ख्म ऐसे हैं जो दिल में ही रह गए।
तूने जो वादे किए थे, सब झूठे थे क्या ? जो प्यार जताया, वो भी झूठा था क्या ? हम तो तुझ पर जान लुटाने को बैठे थे, पर तेरे दिल में हमारे लिए कुछ था भी क्या ?
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