ख़ामोशी को मेरी कमजोरी न समझ

 ख़ामोशी को मेरी कमजोरी न समझ,

दिल के ज़ख़्मों को आवाज़ नहीं दी जाती,

हर दर्द की एक पहचान होती है,

मगर हर मोहब्बत को दुआ नहीं मिलती।




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